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प्रेस रिलीज: 5 अगस्त 2018

नीतियों से व्यवहार तक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं शिक्षा और राजनीति : आतिशी मार्लेना

आप का शिक्षा संवाद कार्यक्रम में हुई प्रदेश की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर चर्चा, दिल्ली के शिक्षा मॉडल की बताईं विशेषताएं

आप के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल एवं प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार ने भी रखे अपने विचार

भोपाल, 5 अगस्त। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय पीएसी की सदस्य आतिशी मार्लेना ने दिल्ली सरकार के शिक्षा सुधारों के कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षा और राजनीति एक दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। नीतियों से लेकर व्यवहार तक में शिक्षा और राजनीति की यह पूरकता दिखाई देती है। वे आम आदमी पार्टी की ओर से आयोजित आप का शिक्षा संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपना वक्तव्य दे रही थीं। उन्होंने एक पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये दिल्ली में आप सरकार बनने से पहले और बाद के स्कूलों की स्थिति का तथ्यात्मक वर्णन किया और बताया कि कैसे क्रमबद्ध तरीके से समस्याओं को पहचानकर उनका व्यावहारिक हल ढूंढा और फिर लगातार उनकी निगरानी व गुणवत्ता को बनाए रखने का काम किया। उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा के कामों के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने बजट आवंटन बढ़ाकर ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाया। इसके साथ ही शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर अच्छी शिक्षा सुनिश्चित की है। साथ ही कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स का वेतन देश में सबसे ज्यादा किया गया। इसके साथ ही अभिभावकों को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में 75 प्रतिशत स्थान देकर भागीदारी को बढ़ाया गया है।

ईमानदार सरकार और चैतन्य नागरिक की जरूरत: बेहार
आंचलिक विज्ञान केंद्र में आयोजित आप के शिक्षा संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार ने की। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में उन्होंने कहा कि कोई भी समाज अच्छा होगा और बदलेगा उसके लिए दो चीजें बहुत जरूरी हैं। पहली बात एक ईमानदार सरकार और दूसरा चैतन्य नागरिक। आम आदमी जब तक अपने आसपास की गड़बडिय़ों को देखकर उन्हें ठीक करने के लिए शिकायत नहीं करेगा, तब तक हालात नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश का समाज बेहद असमान है, वह जाति, संपत्ति, पूंजी आदि के कारण है, और इसमें समानता लाने के लिए बुनियादी जरूरत समान शिक्षा प्रणाली की है। उन्होंने कहा कि समान शिक्षा प्रणाली के लिए एक काम सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाना है, जो कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया है। इसका दूसरा पक्ष प्राइवेट स्कूलों पर लगाम लगाना भी है। उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी चैतन्य हो जाएं तो 90 प्रतिशत प्राइवेट स्कूल बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी प्राइवेट स्कूल बिना मुनाफे के नहीं चलता, लेकिन कानून के मुताबिक शिक्षा के जरिये मुनाफा नहीं कमाया जा सकता। शिक्षण संस्था को महज रजिस्टर्ड सोयाइटी, ट्रस्ट या नॉन प्राइवेट कंपनी के तहत चलाया जा सकता है, जिसमें मुनाफा नहीं कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में हर राजनीतिक दल को अपने घोषणा पत्र में यह बात रखनी चाहिए कि वे संविधान के दायरे के अंदर जितना संभव होगा, उतना समान शिक्षा प्रणाली को रखेंगे।

शिक्षा सुधार के बिना संभव नहीं प्रदेश का विकास: आलोक अग्रवाल
कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद गंभीर मुद्दा है, लेकिन लोग इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती। आज जो सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक हालात बन रहे हैं, उसकी एक महत्वपूर्ण वजह हमारी शिक्षा व्यवस्था है। उन्होंने गांधी जी को याद करते हुए कहा कि बापू मानते थे कि शिक्षा के साथ जब तक कौशल नहीं जोड़ा जाएगा तब तब वह शिक्षा अधूरी रह जाएगी, क्योंकि शिक्षा महज क ख ग या ए बी सी जानने की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हर चीज राजनीति से जुड़ी हुई है, कोई चीज राजनीति से अछूती नहीं है। राजनीति ही हमारी जीवन की हर घटना को तय करती है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश का विकास करना है, तो प्रदेश के नागरिकों का विकास जरूरी है और नागरिकों का विकास शिक्षा के सुधार के बिना संभव नहीं है।

इस कार्यक्रम का संचालन आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री पंकज सिंह ने किया। इस मौके पर आम आदमी पार्टी की प्रदेश पीएसी की सदस्य चित्तरूपा पालित, भोपाल लोकसभा प्रभारी नरेश दांगी समेत कई पदाधिकारी, शहर के शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे।

मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश

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sudhir